राहुल गांधी ने सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी छूट मांगी
पुणे। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में एक आवेदन दायर कर स्वातंत्र्यवीर सावरकर के बारे में अपने विवादास्पद बयान के संबंध में मामले की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी छूट मांगी थी। विशेष न्यायाधीश अमोल शिंदे ने मंगलवार को शर्तों के साथ राहुल गांधी की अर्जी मंजूर कर ली। दरअसल सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर के बारे में दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस मामले में राहुल गांधी को अदालत में पेश होने के लिए 10 जनवरी की तारीख दी गई थी। राहुल गांधी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। अदालत ने मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी को 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। इस बीच, राहुल गांधी के वकील एड. मिलिंद दत्तात्रेय पवार ने अदालत में एक आवेदन दायर कर इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित होने से स्थायी छूट मांगी थी। अभियुक्त अपनी पहचान पर विवाद नहीं करेंगे, न ही वे इस बात पर आपत्ति करेंगे कि इस मामले में साक्ष्य हमारे वकीलों की अनुपस्थिति में दर्ज किए गए। साथ ही, सुनवाई के दौरान अभियुक्त के वकील अभियुक्त को समय-समय पर आवश्यक निर्देश भी देंगे। विशेष अदालत ने ऐसी शर्तों पर राहुल गांधी की अर्जी मंजूर कर ली। अब मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगा।

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