लापरवाही पड़ सकती है भारी, बीपी की दवा लेने वालों के लिए जरूरी खबर
हाई ब्लड प्रेशर वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती सबसे गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, इसे हार्ट अटैक से लेकर स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की समस्याएं बढ़ाने वाला माना जाता है। यही कारण है कि सभी लोगों को अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। आमतौर पर जिन लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का निदान किया जाता है, उन्हें रोजाना बीपी की गोलियां लेनी की सलाह दी जाती है, ताकि ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जा सके और इसके कारण होने वाली किसी भी तरह के खतरों से बचा जा सके।अगर आप भी रोजाना ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं तो ये खबर जरूर जान लें। यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले लोगों से कहा है कि वे तुरंत अपनी गोलियों की जांच कर लें। संभवत: दवा के कुछ डिब्बों में गलत गोलियां हो सकती हैं।
एमएचआरए ने कहा कि संभवत: रैमिप्रिल के पैकों में गलती से एम्लोडिपाइन की गोलियां भर दी गई हो सकती हैं। वैसे तो ये दोनों ब्लड प्रेशर की दवा हैं, लेकिन यह अलग तरीके से काम करती है। मुख्यरूप से ये चेतावनी यूके की जेनेरिक फार्मास्युटिकल कंपनी क्रेसेंट फार्मा लिमिटेड द्वारा बनाई गई रैमिप्रिल के पैकों (5mg) के लिए है। गौरतलब है कि भारत में भी इस दवा का इस्तेमाल किया जाता है।
लोगों से क्या अपील की गई है?
एमएचआरए ने सभी लोगों को अलर्ट किया है कि एक बार वे अपनी दवाओं की जांच कर लें ताकि किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सके।
- मरीजों को यह जांच लेना चाहिए कि उनकी दवा पर बैच नंबर GR164099 छपा है या नहीं। यह नंबर दवा के डिब्बे पर छपा होता है।
- अगर पैक के अंदर मौजूद ब्लिस्टर स्ट्रिप्स पर 'एमलोडिपाइन' (Amlodipine) लिखा है, तो उन्हें वापस फार्मेसी में लौटा देना चाहिए।
- जिन पैक्स में 'रैमिप्रिल' (Ramipril) टैबलेट्स सही लेबल के साथ मौजूद हैं, उन्हें वापस लौटाने की जरूरत नहीं है।
गौरतलब है कि वैसे तो दोनों दवाएं एक ही जैसी हैं और कई मरीजों के लिए डॉक्टर एमलोडिपाइन और रैमिप्रिल की कंबाइन दवा भी देते हैं। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, हालांकि मरीज की स्थिति और जरूरतों को देखते हुए डॉक्टर सिर्प रैमिप्रिल या सिर्फ एमलोडिपाइन भी दे सकते हैं, इसलिए दवा की जांच जरूरी है।
गलत दवा ले लेने से क्या हो सकता है?
मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी ने बताया कि ऐसा लगता है कि यह गड़बड़ी उस फैक्टरी में पैकेजिंग के दौरान हुई है, जहां ये दोनों दवाएं बनाई जाती हैं। रेगुलेटर ने आगे कहा कि चूंकि इन दोनों दवाओं का इस्तेमाल हाई ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए किया जाता है, इसलिए रैमिप्रिल की जगह पर अगर किसी ने एमलोडिपाइन सॉल्ट वाली दवा ले भी ली है तो इसके कोई नुकसान नहीं हैं।अगर गलती से गलत टैबलेट ले ली जाती है, तो इसके कुछ मामलों में साइड-इफेक्ट के तौर पर चक्कर आने की समस्या हो सकती है।
एमएचआरए ने दवा की दुकानों और स्वास्थ्य पेशेवरों को भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रभावित बैच का बचा हुआ स्टॉक वापस कर दें। एमएचआरए में अधिकारी शरीन डोएक ने कहा, अगर किसी ने भी गलती से गलत गोलियां ले ली हैं और अस्वस्थ महसूस कर रहा हो तो उसे डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।
रैमिप्रिल और एम्लोडिपाइन के बारे में जान लीजिए
रैमिप्रिल ऐसी दवा है जिसे 'ACE इनहिबिटर' के नाम से जाना जाता है। यह उस हार्मोन को रोककर रक्तचाप को कम करती है, जो आमतौर पर रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने का काम करता है। इससे रक्त वाहिकाएं शिथिल होकर फैल जाती हैं, जिससे हृदय पर पड़ने वाला दबाव कम हो जाता है और रक्त का प्रवाह बेहतर हो जाता है।एम्लोडिपाइन दवाओं को 'कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स' कहा जाता है। यह रक्त वाहिकाओं मांसपेशियों की कोशिकाओं में कैल्शियम को प्रवेश करने से रोकती है। इससे रक्त वाहिकाएं शिथिल होकर फैल जाती हैं, जिससे रक्त का प्रवाह अधिक आसानी से हो पाता है।ये दोनों ही दवाएं आमतौर पर उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए दी जाती है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिमों को कम करने के लिए भी ये दवाएं लिखी जाती हैं, हालांकि ये शरीर पर अलग-अलग जैविक प्रक्रियाओं के माध्यम से काम करती हैं।

गर्मी, दशहरा-दिवाली और शीतकालीन अवकाश का कार्यक्रम घोषित, छात्रों के लिए बड़ी राहत
राजनीति की जुबानी जंग: ममता बनर्जी के बयान पर महाराष्ट्र मंत्री ने पलटवार किया
पुलिस और राहतकर्मी घटनास्थल पर मौजूद
PM Awas Yojana मामले में डबरा नगर पालिका के पूर्व CMO पर EOW ने की FIR दर्ज
पेट्रोल-डीजल महंगाई पर एक्साइज ड्यूटी में कमी, कांग्रेस ने उठाया सवाल