बंदियों के स्वास्थ्य पर फोकस, 265 लोगों का किया गया चेकअप
जबलपुर। जबलपुर की केंद्रीय जेल में शनिवार को बंदियों के कल्याण के लिए एक विशेष स्वास्थ्य और विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
विधिक मार्गदर्शन और अधिकारों की जानकारी
शिविर का विधिवत शुभारंभ मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा द्वारा वर्चुअली किया गया। कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने कैदियों को कानून से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
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कानूनी सहायता: पात्र बंदियों को मिलने वाली मुफ्त कानूनी मदद।
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अधिकार और रियायतें: सजा में मिलने वाली संभावित छूट, माफी और मामलों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया।
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राहत का लाभ: उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि नियमों के तहत जो भी कैदी राहत के पात्र हैं, उन्हें उसका लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
विशेषज्ञों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य शिविर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के अनुभवी डॉक्टरों की एक बड़ी टीम पहुंची। इस दौरान जेल के 265 बंदियों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
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विभिन्न विभाग: मेडिसिन, सर्जरी, त्वचा रोग, न्यूरोलॉजी, मनोरोग, अस्थि रोग, दंत चिकित्सा और ऑन्कोलॉजी सहित कई विभागों के विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं।
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दवा वितरण: जांच के बाद जिन बंदियों को उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें मौके पर ही दवाइयां वितरित की गईं।
प्रशासनिक टीम का योगदान
इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर, उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश व रूपाली मिश्रा, और सहायक जेल अधीक्षक अंजू मिश्रा का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सहायक जेल अधीक्षक हिमांशु तिवारी द्वारा किया गया।
इस पहल को बंदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उन्हें मुख्यधारा की कानूनी प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।

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