RBI के सख्त कदमों से रुपये को सहारा, डॉलर के मुकाबले उछाल
नई दिल्ली। निचले स्तर से उबरते हुए 128 पैसे की मजबूती के साथ 93.57 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह रिकवरी उस समय देखने को मिली जब रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए ओवरनाइट नेट ओपन पोजिशन की सीमा घटाकर 100 मिलियन डॉलर कर दी। ओवरनाइट नेट ओपन पोजिशन (NOP) वह सीमा होती है, जिसके तहत बैंक एक दिन के कारोबार के बाद (यानी रातभर) विदेशी मुद्रा में कितना जोखिम लेकर बैठे रह सकते हैं। आरबीआई ने 27 मार्च 2026 के सर्कुलर के जरिए यह नई सीमा तय की है, जिसका पालन बैंकों को 10 अप्रैल तक करना होगा। इस फैसले के बाद बैंकों को अपनी लंबी पोजिशन कम करनी पड़ सकती है, जिससे बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ी और रुपये को सपोर्ट मिला। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 93.62 पर खुला और बाद में 93.57 तक मजबूत हुआ। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 89 पैसे टूटकर 94.85 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ था।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पाबरी के मुताबिक, बैंकों द्वारा पोजिशन कम करने की प्रक्रिया के चलते बाजार में डॉलर बिक सकता है, जिससे अल्पावधि में रुपये को राहत मिल रही है। हालांकि यह मजबूती मूलभूत आर्थिक बदलाव के बजाय तकनीकी कारणों से है। इसके बावजूद रुपये पर दबाव बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स 100 के ऊपर बना हुआ है, जो वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती को दर्शाता है। वहीं कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर हैं, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देश में डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 115 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
ब्रेंट क्रूड करीब 115 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो 2% से अधिक की तेजी दिखा रहा है। घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,191.24 अंक गिरकर 72,391.98 पर आ गया, जबकि निफ्टी 349.45 अंक गिरकर 22,470.15 पर पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध आधार पर 4,367.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

ईरानी सेना का बयान, अमेरिका को सीधे संदेश के रूप में देखा गया
लंदन में सजा भारत का दरबार, “Icons of India” प्रदर्शनी का भव्य आगाज
मोहल्लेवासियों ने दिखाई बहादुरी, हमलावरों को पकड़ा
बिजली विभाग में ऐतिहासिक बीमा योजना, लाखों कर्मियों को राहत
Spirit Airlines Shutdown: अचानक बंद हुई एयरलाइन, हजारों कर्मचारियों पर संकट