मध्य प्रदेश को मिला सबसे लंबा फ्लाईओवर, रानी दुर्गावती ब्रिज पर दौड़ी गाड़ियां
जबलपुर: मध्य प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर को गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती के नाम पर समर्पित किया गया है. बुधवार को पहली बार इस ब्रिज के ऊपर से गाड़ियां दौड़ी. 23 अगस्त को इसका विधिवत उद्घाटन होगा. इसके खुल जाने के बाद जबलपुर के लोगों को सड़कों पर जाम से मुक्ति मिलेगी. यह जबलपुर के लगभग एक दर्जन चौराहों पर ट्रैफिक को काम करेगा.
फ्लाईओवर ब्रिज के ऊपर गाड़ियां दौड़ी
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने घोषणा की है कि जबलपुर में लगभग 8 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर ब्रिज का रानी दुर्गावती के नाम पर समर्पित किया जा रहा है और इसे रानी दुर्गावती फ्लाईओवर ब्रिज के नाम से जाना जाएगा. बुधवार को पहली बार जबलपुर के इस फ्लाईओवर ब्रिज के ऊपर गाड़ियां दौड़ी. 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस फ्लाईओवर ब्रिज का लोकार्पण किया जाएगा.
1000 करोड़ की लागत से बना है ब्रिज
मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री और जबलपुर के पश्चिम विधानसभा से विधायक राकेश सिंह ने बताया कि, ''यह ब्रिज केंद्रीय रिजर्व फंड से बना है. केंद्रीय रिजर्व फंड सामान्य तौर पर शहर के भीतर निर्माण कार्यों के लिए राशि नहीं देता. लेकिन नितिन गडकरी ने इसे जबलपुर के विकास के लिए स्वीकृत किया था. पहले यह ब्रिज 700 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा था, लेकिन इसमें फिर दमोह नाका का एक्सटेंशन भी हुआ. इसलिए इस ब्रिज की कुल लागत 1000 करोड़ से ज्यादा हो गई.
कांग्रेस सरकार ने रोक दिया था ब्रिज का काम
यहां पर राकेश सिंह ने यह आरोप लगाया है कि, ''बीच में कुछ दिनों के लिए मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आ गई थी और उन्होंने ब्रिज के काम में रोडा भी अटकाए थे. लेकिन कांग्रेस सरकार के जाने के बाद ब्रिज के बनने का रास्ता साफ हुआ. ब्रिज को उद्घाटन के लिए तैयार किया जा रहा है और पूरे ब्रिज को सुंदर लाइटों से सजाया जा रहा है. रात को इस ब्रिज को देखना जबलपुर के लोगों के लिए नया अनुभव होगा.
जबलपुर का यह फ्लाईओवर ब्रिज जबलपुर के यातायात में एक मील का पत्थर साबित होगा और शहर की लाखों लोगों को जाम के हालात से मुक्ति मिलेगी. जबलपुर शहर में बढ़ते हुए ट्रैफिक की वजह से इस फ्लाईओवर की बहुत अधिक जरूरत थी.

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