दिल्ली से कानपुर सिर्फ 5 घंटे में, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से बदलेगी यूपी की तस्वीर
उत्तर प्रदेश में हाल के कुछ वर्षों में बडे़ नगरों को हाईवे और एक्सप्रेसवे की मदद से आपस में जोड़ने का काम चल रहा है. इसका एक ही मकसद है और वो ये कि शहरों के बीच कनेक्टिविटी अच्छी हो जाए. इसी कड़ी में अब नोएड़ा और कानपुर को ‘गाजियाबाद कानपुर ग्रिनफील्ड एक्सप्रेसवे’ से जोड़ा जाएगा. इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 380 KM बताई जा रही है. पहले नोएडा से कानपुर जाने में 8 से 9 घंटे का समय लगता था. इनके बन जाने से यात्रा के दौरान लगने वाले समय में लगभग 3 घंटे की बचत होगी.
यह एक्सप्रेसवे यूपी के हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव समेत कई अन्य जिलों से होते हुए कानपुर पहुंचेगा. इससे इन सभी जिलों के लोगों के लिए रोजगार और विकास के नये रास्ते खुलेंगे. साथ ही उनकी शहरों से कनेक्टीविटी भी बेहतर हो जाएगी. शुरुआती चरण में इस एक्सप्रेसवे को चार लेन का बनाया जाएगा, लेकिन भविष्य में इसे छह लेन तक विस्तारित करने की योजना है. यानी भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसके लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया है, ताकि आने वाले समय में सड़क पर लोड बढ़ने से कोई परेशानी न हो.
इसके निर्माण के तैयार की गई परियोजना के तहत गाजियाबाद से कानपुर तक कई अंडरपास, फ्लाईओवर और सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा. यानी 380 किलोमीटर के रास्ते में आने वाले गांवों और कस्बों के लोगों को अपने रोजमर्रा के जीवन के लिए आसपास आने जाने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी. साथ ही इसके बन जाने से दिल्ली-NCR के लोगों को कानपुर पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक और बेहतर रास्ता मिल जाएगा. इससे समय की बचत के साथ ही ट्रैफिक से भी छुटकारा मिलेगा.
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. व्यापारिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी. औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश के नए अवसर बढ़ेंगे. परियोजना के तहत गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे को नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा. इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी. इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी और परियोजना के 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में यात्रा और व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है. इससे लोगों के साथ-साथ राज्य को भी आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी.

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