बालाघाट। कत्लखाना ले जाते हुए गौवंश को पकड़ाया गौरक्षकों ने
बालाघाट। वारासिवनी, लालबर्रा, कटंगी व रामपायली क्षेत्र में गौतस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन की लापरवाही व निष्क्रियता के कारण गौतस्करी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। इस गौतस्करी को रोकने के लिए गौरक्षकों द्वारा लगातार प्रयास किए जाते हैं, लेकिन पुलिस व प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने के कारण यह गौरक्षक कई बार हताश भी हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला पुलिस थाना वारासिवनी के ग्राम कटंगझरी में सामने आया हैं। जहॉ पर सूचना मिलने पर गौरक्षकों द्वारा रात्रि लगभग 11 बजे एक पिकअप वाहन क्रमांक एमपी 50 जी 1534 में भरकर कत्लखाने ले जा रहे 5 गौवंश को रोका गया और उसकी सूचना पुलिस थाना वारासिवनी में दी गई। जिस पर पुलिस बल कटंगझरी पहुॅचा और जॉच की, तो पिकअप वाहन में बेदर्दी के साथ ठूॅस ठूॅस कर 5 गौवंश को भरा गया था। पुलिस कर्मचारियों ने जब पिकअप वाहन के साथ चल रहे युवकों से गौवंश को ले जाने के बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वह उसे कत्लखाना ले जा रहे थे।
थाने की जगह गौशाला में पहले रखने को लेकर गौरक्षकों व पुलिसकर्मियों में हुई बहस
जिसके बाद पुलिस ने पिकअप वाहन में भरे हुए गौवंश और पकड़े गए आरोपियों को लेकर वारासिवनी आई। लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने गौवंश से भरे हुए पिकअप वाहन को पुलिस थाना ले जाने के स्थान पर गौशाला में खड़ा करने की बात कही। जिस पर गौरक्षकों ने पहले गौवंश से भरे हुए पिकअप वाहन को पुलिस थाना ले जाने और कार्यवाही के बाद गौवंश को गौशाला के सुपुर्द करने की बात कही। जिस पर पुलिस कर्मियों द्वारा इंकार करने पर उनके बीच गरमागरम बहस हुई।
कार्यक्रम छोड़ विधायक पटेल पहुॅचे पुलिस थाना
पुलिसकर्मियों की हठधर्मिता की खबर गौरक्षक अभिषेक सुराना द्वारा जब विधायक विवेक विक्की पटेल को दी गई, तो वह रात्रि में अपने सभी कार्यक्रमों को छोड़कर तत्काल वारासिवनी पहुॅचे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर पिकअप वाहन को पुलिस थाने बुलवाया और फिर प्रकरण दर्ज होने के बाद ही वापस लौटे। प्रकरण दर्ज होने के बाद गौवंश को गौशाला के सुपुर्द कर दिया गया हैं। इस मामले में वारासिवनी पुलिस ने आरोपियों पिकअप चालक भोजराज राठौर निवासी बकेरा व उसके साथी तोपेश उइके के खिलाफ मध्यप्रदेश गॉव मध्यप्रदेश अधिनियम 2004 की धारा 4, 6/9 एवं पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण एक्ट 1960 की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 5 गौवंश की कीमत लगभग 70 हजार रुपये और जप्त पिकअप की कीमत लगभग 3 लाख रुपये बताई गई हैं। गौतस्करों को पकड़वाने में गौरक्षक अभिषेक सुराना, सिकंदर मिश्रा, आदेश पिंटू मॉडल, अमन पटेल, गंगाराम, विजय वहिले, दीप चौहान, दिलीप हरिनखेड़े सहित अन्य गौरक्षकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।