बालाघाट। राजस्व, पुलिस और वन विभाग के अफसरों ने आंखों में बांधी पट्टी
बालाघाट। तिरोड़ी तहसील के ग्राम पौनियां में एक बार फिर से मैंगनीज खनन माफिया सक्रिय हो गए है। पौनियां के चील गड्ढें में माफियाओं ने डीजल इंजन पंप लगाकर पानी निकालना शुरू कर दिया है। यहां जल्द ही अवैध मैंगनीज उत्खनन का काम शुरू हो सकता है। मिली जानकारी अनुसार दो दिन पहले मैंगनीज माफियाओं ने जेसीबी से चील गड्ढे में खनन और आवागमन का रास्ता तैयार किया। जिसकी सूचना कुछ लोगों के द्वारा राजस्व विभाग में तिरोड़ी तहसीलदार गीता राहंगडाले, थाना प्रभारी गहलोत सेमलिया, वन परिक्षेत्र अधिकारी बाबूलाल चढ़ार को दी। इसके बावजूद इन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो वन विभाग ने बुधवार की देर रात करीब साढ़े 10 बजे के आस-पास जेसीबी मशीन को पकड़ा था। मगर, बाद में जेसीबी मशीन को अज्ञात कारणों की वजह से छोड़ दिया गया। हालांकि गुरुवार को वन विभाग से वन रक्षक ने जरूर मौका निरीक्षण किया परंतु राजस्व विभाग की भूमि होने के कारण वन रक्षक बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौट आए। इस अवैध गतिविधि के संबंध में जब तिरोड़ी थाना प्रभारी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा दिखवाता हूं। वहीं तिरोड़ी तहसीलदार ने कहा कि वह बालाघाट में है। कल यानी शुक्रवार को पटवारी को मौके पर भिजवाएगीं।
पौनियां में जनचर्चा है कि क्षेत्रीय विधायक गौरव सिंह पारधी का नाम लेकर यहां पर मैंगनीज का अवैध खनन किया जा रहा है। हालांकि यह केवल जन चर्चा है। इस बात की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है। मगर, जिस तरह से विभागीय अधिकारियों को अवैध खनन की तैयारी की सूचना मिल रही है और अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है बल्कि कार्रवाई करने से बच रहे है। उससे तो यही लग रहा है कि इन मैंगनीज माफियाओं के पीछे कोई बड़ा हाथ है। जिस वजह से कानून के हाथ माफियाओं के गिरेबान तक नहीं पहुंच पा रहे है और माफिया बेखौफ होकर अपने काम को अंजाम देन में जुटे हुए है। सूत्रों की मानें तो पौनियां चील गड्ढे में अवैध खनन के पीछे पौनियां निवासी सुखचंद जगने, नीलचंद जगने और कटंगी के गगन गौतम का नाम सामने आ रहा है। सुखचंद जगने और नीलचंद जगने का नाम मैंगनीज के अवैध खनन के मामले में कई बार पहले भी आ चुका है। यह दोनों अवैध खनन के लिए चर्चित नाम हमेशा से रहे है।
आपको बता दें कि विधायक गौरव सिंह पारधी ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित कर रखा है कि उनकी विधानसभा में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि संचालित नहीं होगी। जुंआ, सट्टा, अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई करने के लिए विधायक एक नहीं बल्कि कई बार सार्वजनिक मंच से अफसरों को बोल चुके है। मगर, पौनियां में अवैध मैंगनीज खनन की तैयारी हो रही है। जिसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को भी मिली है परंतु कार्रवाई नहीं हो रही है। यह बात जागरूक जनता को हजम नहीं हो रही है। आखिरकार विधायक से अधिक शक्तिशाली नेता उनकी विधानसभा में कौन है। जिसके दबाव में आकर प्रशासन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है। यह सभी जानने के लिए बेहद आतुर है। खैर, पौनियां में एक बार फिर से मैंगनीज खनन के लिए माफिया सक्रिय दिख रहे है और खनन माफियाओं के आगे प्रशासनिक अधिकारी नतमस्तक।