बालाघाट। उपार्जन केंद्र में किसानों से नहीं खरीदा जा रहा गेहूं
बालाघाट। कटंगी तहसील क्षेत्र के ग्राम सेलवा में स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र में किसानों से गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। किसान एक सप्ताह से अपनी उपज उपार्जन केन्द्र में लाने के बाद तुलाई का इंतजार कर रहे है। मगर, उपार्जन केन्द्र में फसल को रिजेक्ट किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सर्वेयर जानबूझकर गेहूं को रिजेक्ट कर रहा है और कर्मचारी व्यापारियों को गेहूं बेचने की बात बोल रहे है लेकिन उपार्जन केन्द्र कर्मचारी इस बात से साफ इंकार करते है। उपार्जन केंद्र में गेहूं नहीं खरीदने और रिजेक्ट किए जाने की शिकायत किसानों ने विधायक गौरव सिंह पारधी से की।
किसानों से मिली शिकायत के आधार पर विधायक ने पूरे मामले से कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा को अवगत करवाया और कलेक्टर ने अधिकारियों को आनन-फानन में उपार्जन केंद्र सेलवा में मामले की जांच के लिए भिजवाया। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम मधुवंत राव धुर्वे, एम।पी। स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड जिला अधिकारी पीयूष माली, जिला विपणन अधिकारी हिरेन्द्र रघुवंशी, खाद्य अधिकारी पी.एस.वराडी, वेयर हाउस प्रबंधक शिवम भिंडे उपार्जन केन्द्र पहुंचे। इन अधिकारियों ने पाया कि किसानों की उपज एफएक्यू क्वालिटी की नहीं है। जिस कारण सर्वेयर गेहूं की फसल को रिजेक्ट कर रहा है। गेहूं में मिट्टी की मात्रा अधिक है।
गौरतलब हो कि उपार्जन केन्द्र सेलवा में 1 हजार 9 सौ से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन करवाया था। मगर, अब तक केवल 06 किसानों ने ही अपनी उपज लाकर बेची है। मतलब केवल 06 किसानों का गेहूं ही पास हुआ है बाकी जिन किसानों ने फसल लाई थी उनकी फसल तय मापदंड में नहीं होने के कारण रिजेक्ट कर दिया जाना बताया जा रहा है। दरअसल, इस बार गेहूं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) सीधे खरीद रहा है। जिस कारण खरीदी अधिकारियों को साफ निर्देशित किया गया कि गेहूं खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यहीं कारण है कि खरीदी के दौरान सर्वेयर गेहूं की बेहद बारीकी से जांच कर रहे है और तय मापदंड का गेहूं नहीं मिलने पर बिना किसी देरी के फसल को रिजेक्ट कर रहे है। जिससे किसान नाखुश है। चूकिं इस वर्ष बेमौसम की बारिश होने से गेहूं की फसल पर असर पड़ा है। गेहूं की चमक समाप्त हो गई है और एफएक्यू क्वालिटी के मापदंड के अनुसार फर्क पड़ा है। हालांकि सरकार ने गेहूं की चमक को लेकर किसानों को जरूर राहत दी है। परंतु दूसरे मापदंड बेहद कठिन होने के कारण किसानों को गेहूं रिजेक्ट हो रहा है।
कलेक्टर के आदेश के बाद जब विभागीय अधिकारी और एसडीएम उपार्जन केन्द्र सेलवा पहुंचे तो अधिकारियों ने खरीदी केन्द्र कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने पाया कि उपार्जन केन्द्र में किसानों को बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही है। अधिकारियों ने स्वयं की मौजूदगी में एक किसान का गेहूं साफ करवाया। जिसके बाद किसान का गेहूं खरीदने योग्य की स्थिति में आ गया। मगर, किसान पहले गेहूं रिजेक्ट कर दिए जाने से नाराज होकर अपनी उपज को लेकर वापस घर चले गया।